रांची : बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT) मेसरा में शनिवार, 10 अक्टूबर को 36वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान स्नातक, स्नातकोत्तर, डॉक्टरेट और डिप्लोमा कार्यक्रमों के कुल 2,984 विद्यार्थियों को डिग्री और डिप्लोमा प्रदान किए गए। समारोह में विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों का सम्मान करने के साथ उन्हें अनुसंधान, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष और परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. अजीत कुमार मोहंती मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। BIT मेसरा के चांसलर सी.के. बिरला और कुलपति प्रो. इंद्रनील मन्ना समेत संस्थान के शिक्षक, विद्यार्थी, पूर्व छात्र और अभिभावक भी मौजूद रहे।
113 पीएचडी शोधार्थियों सहित 2,984 विद्यार्थियों को मिली उपाधि
दीक्षांत समारोह में BIT मेसरा के विभिन्न परिसरों के विद्यार्थियों को डिग्री और डिप्लोमा प्रदान किए गए। इनमें 113 पीएचडी शोधार्थी, 691 स्नातकोत्तर विद्यार्थी, 2,004 स्नातक विद्यार्थी और 176 डिप्लोमा प्राप्तकर्ता शामिल हैं। विभिन्न पाठ्यक्रमों में उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से भी सम्मानित किया गया।
वर्ष 1955 में स्थापित संस्थान ने इस समारोह के माध्यम से शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को रेखांकित किया। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन और संस्थान की प्रार्थना से हुई।
सी.के. बिरला ने जिम्मेदारी और निरंतर सीखने पर दिया जोर
BIT मेसरा के चांसलर सी.के. बिरला ने स्नातक विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि डिग्री प्राप्त करने के साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी भी आती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान और अवसरों का उपयोग समाज के लिए सार्थक योगदान देने में करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), उन्नत विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल बदलाव और अंतरिक्ष नवाचार जैसे क्षेत्र तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे समय में तकनीकी ज्ञान के साथ निरंतर सीखने, बदलावों के अनुरूप ढलने, विभिन्न विषयों के बीच समन्वय और सही निर्णय लेने की क्षमता भी महत्वपूर्ण है। सी.के. बिरला ने विद्यार्थियों को प्रौद्योगिकी का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने और ईमानदारी, विश्वसनीयता तथा अपने मूल्यों को प्राथमिकता देने की सलाह दी।
डॉ. अजीत कुमार मोहंती ने वैज्ञानिक अनुसंधान और स्वदेशी क्षमता पर दिया जोर
मुख्य अतिथि डॉ. अजीत कुमार मोहंती ने कहा कि भारत तकनीकी परिवर्तन के महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है। AI, क्वांटम प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष विज्ञान, स्वच्छ ऊर्जा और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में हो रही प्रगति नई संभावनाएं पैदा कर रही है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मजबूत स्वदेशी क्षमताओं और कुशल वैज्ञानिकों, इंजीनियरों तथा उद्यमियों की जरूरत होगी। इसके लिए निरंतर अनुसंधान, विभिन्न विषयों के बीच सहयोग और मानव संसाधन में निवेश जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवनभर सीखने, जिज्ञासु बने रहने और उत्कृष्टता के साथ ईमानदारी को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उनके अनुसार, ज्ञान का उपयोग नवाचार, टिकाऊ विकास और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में किया जाना चाहिए।
कुलपति ने शिक्षा को समाजोपयोगी समाधान से जोड़ने की बात कही
BIT मेसरा के कुलपति प्रो. इंद्रनील मन्ना ने कहा कि संस्थान में शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि आलोचनात्मक सोच विकसित करना, जटिल समस्याओं का समाधान खोजना और ज्ञान को समाज के लिए उपयोगी बनाना भी है। उन्होंने कहा कि संस्थान ने इंजीनियरिंग, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई है। बदलती जरूरतों के अनुरूप शैक्षणिक और अनुसंधान गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है। विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए संस्थान शिक्षा, अनुसंधान, उद्यमिता और प्रौद्योगिकी विकास को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।कुलपति ने स्नातक विद्यार्थियों से शोधकर्ता, उद्यमी, मार्गदर्शक और सहयोगी के रूप में संस्थान से जुड़े रहने की अपील भी की।
देश-विदेश के पूर्व छात्र नेटवर्क से जुड़ेंगे स्नातक
डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थी अब BIT मेसरा के व्यापक पूर्व छात्र समुदाय का हिस्सा बन गए हैं। यह नेटवर्क देश और विदेश में उद्योग, शिक्षा, अनुसंधान और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में कार्यरत पूर्व छात्रों को जोड़ता है। समारोह का समापन गणमान्य अतिथियों के सम्मान और धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने अपने शैक्षणिक जीवन के एक महत्वपूर्ण पड़ाव को पूरा करते हुए पेशेवर और शोध करियर की दिशा में नए अध्याय की शुरुआत की।




