रांची : झारखंड के युवा क्रिकेटर शिखर मोहन का चयन ईरानी ट्रॉफी के लिए रेस्ट ऑफ इंडिया टीम में हुआ है। बाएं हाथ के बल्लेबाज और स्लो लेफ्ट आर्म स्पिन गेंदबाज शिखर ने घरेलू क्रिकेट में अपने ऑलराउंड प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया है। वर्ष 2022 में जेवीएम श्यामली से 12वीं की पढ़ाई पूरी करने वाले शिखर ने स्कूली क्रिकेट के दौरान ही अपनी प्रतिभा की झलक दिखानी शुरू कर दी थी।
सत्र 2022-23 में उन्हें झारखंड पुरुष अंडर-19 टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी भी मिली थी। इसके बाद घरेलू क्रिकेट के अलग-अलग प्रारूपों में लगातार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने रेस्ट ऑफ इंडिया टीम में जगह बनाई।
रणजी ट्रॉफी से दलीप ट्रॉफी तक शानदार प्रदर्शन
शिखर मोहन ने झारखंड प्रीमियर लीग, रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी, ईस्ट जोन और दलीप ट्रॉफी में अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों से योगदान दिया है। कई मुकाबलों में उन्होंने उपयोगी पारियां खेलने के साथ महत्वपूर्ण विकेट भी हासिल किए। लगातार बेहतर प्रदर्शन का नतीजा रहा कि उन्हें रेस्ट ऑफ इंडिया टीम में शामिल किया गया। अब ईरानी ट्रॉफी में उनके प्रदर्शन पर झारखंड के क्रिकेट प्रशंसकों की भी नजर रहेगी।
धोनी के स्कूल से निकले शिखर
शिखर मोहन की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने जेवीएम श्यामली से शिक्षा हासिल की है। यही वह विद्यालय है, जहां से पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी। ऐसे में शिखर का ईरानी ट्रॉफी के लिए चयन स्कूल के साथ-साथ झारखंड के क्रिकेट जगत के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
शिखर के चयन से स्कूल में जश्न
शिखर के चयन की खबर मिलते ही जेवीएम श्यामली परिसर में खुशी का माहौल बन गया। शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने मिठाई बांटकर उनकी सफलता का जश्न मनाया और उन्हें बधाई दी। विद्यालय के प्राचार्य बीएन झा ने शिखर के चयन पर प्रसन्नता जताते हुए इसे स्कूल के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि शिखर ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। वरीय शारीरिक शिक्षक डॉ. मोती प्रसाद ने भी शिखर को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि खेल के प्रति उनकी मेहनत और समर्पण ने उन्हें इस स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ईरानी ट्रॉफी के लिए चयन के साथ अब शिखर मोहन के सामने राष्ट्रीय स्तर पर अपने प्रदर्शन को और मजबूत करने का मौका है।




