रांची : नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत सोमवार 27 जुलाई से उत्साहपूर्ण माहौल में हुई। इस अवसर पर आयोजित परिचय कार्यक्रम में स्नातकोत्तर एवं स्नातक के नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नए छात्रों को संस्थान, शिक्षकों और शैक्षणिक वातावरण से परिचित कराना तथा उनके मन में मौजूद संकोच और आशंकाओं को दूर करना था।
विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच हुआ सीधा संवाद
कार्यक्रम के दौरान संस्थान के प्रभारी डॉ. विजय कुमार झा, विभिन्न विभागों के शिक्षकों और सहायक कुलसचिव ने विद्यार्थियों को संस्थान की कार्यप्रणाली, शैक्षणिक गतिविधियों और अनुशासन संबंधी नियमों की जानकारी दी। इस अवसर पर विद्यार्थियों और संस्थान प्रशासन के बीच सीधा संवाद भी हुआ, जिसमें आने वाले शैक्षणिक सत्र में सहयोग, अनुशासन और समन्वय को लेकर चर्चा की गई।
उत्साह और उमंग से भरा रहा परिसर
नए छात्रों के आगमन से लालपुर परिसर पूरे दिन उत्साह और उमंग से सराबोर रहा। स्नातक एवं स्नातकोत्तर की पढ़ाई शुरू करने को लेकर छात्र-छात्राओं में विशेष उत्सुकता देखने को मिली। परिचय सत्र के बाद विद्यार्थियों के साथ जलपान का आयोजन किया गया, जिससे उनके मन में कॉलेज और उसके अनुशासन को लेकर मौजूद झिझक को कम करने का प्रयास किया गया।
पुष्पवर्षा कर किया गया स्वागत
कार्यक्रम में पुराने छात्र-छात्राओं ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। इस दौरान पूरे परिसर में सौहार्दपूर्ण और पारिवारिक माहौल देखने को मिला, जिससे नए विद्यार्थियों को संस्थान से जुड़ाव का अनुभव हुआ।
परिचय कार्यक्रम में सहायक कुलसचिव नरेंद्र कुमार, स्नातकोत्तर विभागाध्यक्ष डॉ. अमृता प्रियम, डॉ. सोमनाथ मुखर्जी, स्नातक विभाग की डॉ. मिली दत्ता, डॉ. पार्थो सारथी विष्णु, डॉ. अनीश हैदर, डॉ. संजय कुमार, डॉ. अभय रंजन श्रीवास्तव, डॉ. मयंक, अनुपमा सहाय, डॉ. चिंतापल्ली, डॉ. प्रदीप मुंडा, डॉ. संदीप शाहदेव, डॉ. प्रशांत कुमार सिंह, डॉ. सोमित्रो, अजय कुमार, राणा मिश्रा, डॉ. उमेश प्रसाद, डॉ. सिबा मित्रा, डॉ. श्रावणी सहित संस्थान के कई शिक्षक एवं वरिष्ठ छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
समन्वय और सकारात्मक माहौल पर जोर
संस्थान प्रबंधन ने कहा कि इस प्रकार के परिचय कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना और उनके सर्वांगीण विकास के लिए सकारात्मक माहौल तैयार करना है। कार्यक्रम के माध्यम से नए छात्रों के साथ मजबूत संवाद और विश्वास का रिश्ता स्थापित करने की दिशा में पहला कदम उठाया गया।




