संथाली भाषा की शॉर्ट फिल्म अंगेन (इनविजिबल) के डायरेक्टर रवि राज मुर्मू को 72वें नेशनल फिल्म अवार्ड में बेस्ट डेब्यू फिल्म डायरेक्टर का सम्मान मिला है. यह फिल्म लगभग 13 मिनट की है, जो संथाली लोककथा पर आधारित है. यह फिल्म जमशेदपुर के आस पास के लोकेशन पर शूट की गई है. फिल्म में संथाली लोककथा, संस्कृति और आदिवासी समाज की परंपराओं को प्रस्तुत किया गया है. रवि राज मुर्मू इस्ट सिंहभूम के जादूगोड़ा थाना क्षेत्र के सुदूर गांव कुमरमुडी के रहने वाले हैं. उन्होंने करीम सिटी कॉलेज जमशेदपुर से मास कम्यूनिकेशन से स्नातक किए हैंं. वहीं फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीआईआई), पुणे से मास्टर्स की पढ़ाई की है. रवि ने बताया कि बचपन में अपने दादा-दादी से संथाली लोक कथा सुनते थे. उन्हीं कहानियों से प्रेरित होकर इस फिल्म का निर्माण किये. इस अवार्ड के मिलने से काफी उत्साहित व गर्व महसूस कर रहे हैं. इस सम्मान के मिलने से देश दुनिया में झारखंड के कला संस्कृति के बारे में पता चलेगा. झारखंड में फिल्म मेकिंग के क्षेत्र में जो अपार संभावनाएं हैं. क्षेत्रिय फिल्मकारों को प्रोत्साहन मिलेगा.
संथाली लोककथा पर आधारित है फिल्म की कहानी
अंगेन की कहानी दो पात्रों के इर्द-गिर्द घूमती है. जिसमें एक साधारण गाय चराने वाला युवक व एक देवी होती है. दोनों एक दूसरे से प्रेम में पड़ जातें है. देवी युवक को दिव्यलोक में ले जाती है. वर्षों बाद युवक को अपने गांव और परिवार की याद आने लगती है और वह वापस आता है. लेकिन उसे अपना घर ही नहीं मिलता है. वह अपने घर की तलाश करने लगता है. यह कहानी संथाली लोककथा पर आधारित है.




