रांची : जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स में भारतीय महिला हॉकी टीम ने फाइनल में जगह बना ली है। बुधवार को खेले गए सेमीफाइनल में भारत ने दक्षिण कोरिया को 2-0 से हराया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने कम से कम रजत पदक पक्का कर लिया है। अब खिताबी मुकाबले में भारत का सामना चीन से होगा।
इशिका ने खोला खाता, सलीमा के प्रयास से मिला दूसरा गोल
सेमीफाइनल के शुरुआती दो क्वार्टर में दोनों टीमें गोल नहीं कर सकीं। तीसरे क्वार्टर में भारत को पेनल्टी कॉर्नर का मौका मिला, जिसे इशिका चड्ढा ने गोल में बदलकर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद चौथे क्वार्टर में कप्तान सलीमा टेटे के cut-back से भारतीय टीम ने दूसरा गोल किया। उनके पास कोरिया की डिफेंडर के stick से deflect होकर गोलपोस्ट में चला गया। इस तरह भारत ने 2-0 की बढ़त कायम कर ली और मैच अपने नाम कर लिया।
2018 के बाद पहली बार एशियन गेम्स के फाइनल में भारत
दक्षिण कोरिया के खिलाफ जीत के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम 2018 के बाद पहली बार एशियन गेम्स के फाइनल में पहुंची है। भारत के सामने अब चीन की चुनौती होगी, जिसने दूसरे सेमीफाइनल में जापान को हराकर फाइनल में जगह बनाई है। खिताबी मुकाबला 2 अक्टूबर को खेला जाएगा।
44 साल बाद गोल्ड जीतने का मौका
भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में आखिरी बार 1982 में स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद टीम ने 2018 में रजत और पिछली बार कांस्य पदक हासिल किया था। अब चीन के खिलाफ फाइनल में जीत से भारत के पास 44 साल बाद फिर से एशियन गेम्स में महिला हॉकी का स्वर्ण जीतने का मौका होगा।
झारखंड की सलीमा टेटे की कप्तानी में टीम का शानदार सफर
भारतीय टीम की कप्तानी झारखंड की सलीमा टेटे कर रही हैं। दक्षिण कोरिया के खिलाफ सेमीफाइनल में भी उन्होंने टीम की अगुवाई की और दूसरे गोल की रचना में अहम भूमिका निभाई। फाइनल में अब उनकी अगुवाई में भारतीय टीम चीन के खिलाफ स्वर्ण पदक के लिए मैदान पर उतरेगी। भारत और चीन के बीच होने वाला फाइनल महिला हॉकी में एशियन गेम्स के स्वर्ण पदक के लिहाज से अहम मुकाबला होगा।




