रांची : CBSE की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए जरूरी खबर है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विद्यार्थियों के रिकॉर्ड में दर्ज गलतियों को सुधारने का मौका दिया है। इसके तहत स्कूल 7 नवंबर तक LOC (List of Candidates) में दर्ज विवरणों में निर्धारित नियमों के अनुसार संशोधन कर सकेंगे। इसके बाद सुधार का अवसर नहीं मिलेगा।
बोर्ड ने संबद्ध स्कूलों के प्रधानाचार्यों को विद्यार्थियों के रिकॉर्ड की दोबारा जांच करने का निर्देश दिया है। इसमें विद्यार्थी का नाम, माता-पिता या अभिभावक का नाम, जन्मतिथि और कक्षा 10वीं व 12वीं के लिए चुने गए विषय शामिल हैं। किसी भी जानकारी में गलती मिलने पर तय समयसीमा के भीतर उसे ठीक कराना जरूरी होगा।
सत्यापन पर्ची में गलती मिले तो तुरंत करें संपर्क
CBSE के अनुसार, परीक्षा से संबंधित रिकॉर्ड तैयार करने में LOC में दर्ज विवरणों की अहम भूमिका होती है। इसलिए स्कूलों को विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के साथ मिलकर सभी जानकारियों का सत्यापन कराने को कहा गया है।LOC जमा होने के बाद स्कूल प्रत्येक विद्यार्थी को डेटा वेरिफिकेशन स्लिप उपलब्ध कराते हैं। विद्यार्थियों और अभिभावकों को इस पर्ची में दर्ज सभी जानकारियों को ध्यान से जांचना चाहिए। नाम, जन्मतिथि, माता-पिता या अभिभावक के नाम अथवा विषयों में कोई त्रुटि मिलने पर तुरंत स्कूल प्रशासन से संपर्क करना होगा।
नाम और जन्मतिथि में बरतें खास सावधानी
बोर्ड ने विद्यार्थियों के व्यक्तिगत विवरण दर्ज करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। नाम लिखते समय संक्षिप्त रूप के इस्तेमाल से बचने और सरनेम सही तरीके से दर्ज कराने पर जोर दिया गया है। शैक्षणिक प्रमाणपत्रों और अन्य पहचान दस्तावेजों में नाम की एकरूपता बनाए रखना भी जरूरी है।
विदेश में उच्च शिक्षा की योजना बना रहे विद्यार्थियों को अपने सभी दस्तावेजों में दर्ज नाम का मिलान जरूर कर लेना चाहिए। जिन विद्यार्थियों का पासपोर्ट बन चुका है, वे उसमें दर्ज नाम और जन्मतिथि का LOC के विवरण से मिलान कर सकते हैं। इससे भविष्य में दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान होने वाली परेशानियों से बचा जा सकता है।
विषयों में बदलाव के लिए नहीं मिलेगा दूसरा मौका
कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के विषय चयन को लेकर भी बोर्ड ने स्कूलों को सतर्क रहने को कहा है। LOC में वही विषय दर्ज होने चाहिए, जिनका चयन विद्यार्थी ने किया है। बोर्ड के निर्देश के मुताबिक, करेक्शन विंडो बंद होने के बाद विषयों में बदलाव के अनुरोध स्वीकार नहीं किए जाएंगे। ऐसे में विद्यार्थियों को 7 नवंबर से पहले अपने रिकॉर्ड की जांच कर सभी गलतियां स्कूल के माध्यम से ठीक करा लेनी चाहिए।




