रामगढ़ : झारखंड के रामगढ़ जिले के चुंबा गांव के युवा पहलवान हिमांशु कुमार ने राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन किया है। हरियाणा के सोनीपत में अक्टूबर में आयोजित प्रतियोगिता के अंडर-17 ओपन वर्ग के 52 किलोग्राम फ्रीस्टाइल मुकाबले में हिमांशु ने शानदार प्रदर्शन किया। फाइनल में उन्होंने हरियाणा के पहलवान को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। उनकी इस उपलब्धि से चुंबा गांव और पूरे रामगढ़ क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
अब जूनियर एशियन चैंपियनशिप के ट्रायल पर नजर
राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने के बाद हिमांशु का अगला लक्ष्य जूनियर रेसलिंग एशियन चैंपियनशिप का ट्रायल है। इस चयन प्रक्रिया में सफल होने पर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिल सकता है। इससे पहले भी हिमांशु झारखंड खेलो में रजत पदक जीत चुके हैं। अब वह खेलो इंडिया प्रतियोगिता में झारखंड की ओर से हिस्सा लेने की तैयारी कर रहे हैं। प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में लगातार बेहतर प्रदर्शन के दम पर उन्होंने अपनी पहचान बनाई है।
स्कूल के शिक्षक से सीखी कुश्ती की बारीकियां
हिमांशु ग्रेट यूनिवर्सल पब्लिक स्कूल, चुंबा में दसवीं कक्षा के छात्र हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय स्कूल के शिक्षक बबलू सर को दिया है। उनसे ही हिमांशु को कुश्ती की शुरुआती बारीकियां सीखने का मौका मिला। फिलहाल वह कुजू स्थित द चैंपियंस डोजो में कुश्ती का प्रशिक्षण ले रहे हैं। हिमांशु के मुताबिक, वह झारखंड प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में भी स्वर्ण पदक जीत चुके हैं।
पिता कॉन्ट्रैक्टर, मां गृहिणी
हिमांशु के पिता उमेश महतो कॉन्ट्रैक्टर हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद लगातार मेहनत और अभ्यास के दम पर हिमांशु ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उनकी सफलता से परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में उत्साह है। स्थानीय खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि हिमांशु आगामी एशियन चैंपियनशिप ट्रायल और खेलो इंडिया प्रतियोगिता में भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे।




