हिन्दी साहित्य की 10 सबसे शानदार पुस्तकें जो आपको जरूर पढ़नी चाहिए

हिन्दी साहित्य की 10 सबसे शानदार पुस्तकें जो आपको जरूर पढ़नी चाहिए
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हिन्दी साहित्य एक महासागर की तरह है जिसकी गहराई अनंत है, इन्हीं गहराइयों में से कुछ चुनिंदा रचनाओं के बारे में हम जानने का प्रयास करेंगे। किताबों की इस सूची में समकालीन एवं नई हिंदी आंदोलन की सबसे प्रसिद्ध पुस्तकों का समावेश है-

1. गोदान (मुंशी प्रेमचंद)

भले ही आप हिंदी साहित्य के अन्य लेखकों का नाम नहीं जानते होंगे पर मुंशी प्रेमचंद का नाम आप जरूर जानते होंगे। हिंदी साहित्य के सबसे प्रसिद्ध रचनाकार प्रेमचंद ही हैं जिन्हें कलम का सिपाही कहा जाता है। गोदान मुंशी प्रेमचंद का अंतिम तथा महत्वपूर्ण उपन्यास है। जिसमें ग्रामीण जीवन और संस्कृति की अनुभूति आपको होगी। इस उपन्यास को पढ़ते हुए आप कई बार रोयेंगे और कई बार हंसेंगे भी।

2. आषाढ़ का एक दिन (मोहन राकेश)

हिन्दी साहित्य का सबसे परम सुख आषाढ़ का एक दिन ही है जिस किसी ने इसे नहीं पढ़ा है वह साहित्य के इस परम सुख से वंचित है। मोहन राकेश द्वारा लिखित यह नाटक सबसे आधुनिक एवं सरल है। रंग मंचों पर यह नाटक सैकड़ों बार खेला गया है। यह प्रेम कथा पर आधारित नाटक है। मोहन राकेश नई हिंदी आंदोलन के प्रतिनिधि रचनाकार हैं जिनके अन्य नाटक आधे अधूरे और लहरों के राजहंस हैं। मवाली और एक और जिंदगी मोहन राकेश की अन्य कहानी रचनाएं है जिसे आपको पढ़ना चाहिए।

3. दिव्या (यशपाल)

यशपाल हिन्दी साहित्य में एक बड़ा नाम हैं। दिव्या एक लघु उपन्यास है जो नारी केंद्रित है। यह उपन्यास नारी स्वतंत्रता पर आधारित है। दिव्या कई विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में भी समावेशित है। हिंदी सहित्य के जानकारों के बीच यह अत्यंत प्रसिद्ध है।

4. रश्मिरथी (दिनकर)

रश्मिरथी, जिसका अर्थ “सूर्यकिरण रथ का सवार” है, हिन्दी के महान कवि रामधारी सिंह दिनकर द्वारा रचित प्रसिद्ध खण्डकाव्य है। इसमें कर्ण के चरित्र के सभी पक्षों का सजीव चित्रण किया गया है। रश्मिरथी में दिनकर ने कर्ण की महाभारतीय कथानक से ऊपर उठाकर उसे नैतिकता और विश्वसनीयता की नयी भूमि पर खड़ा कर उसे गौरव से विभूषित कर दिया है। रश्मिरथी में दिनकर ने सारे सामाजिक और पारिवारिक संबंधों को नए सिरे से जांचा है।

5. वोल्गा से गंगा (राहुल सांकृत्यायन)

वोल्गा से गंगा , राहुल सांकृत्यायन की प्रसिद्ध कृति है। यह मातृसत्तात्मक समाज में स्त्री के बर्चस्व की बेजोड़ रचना है। यह राहुल सांकृत्यायन द्वारा लिखी गई बीस कहानियों का संग्रह है। इसकी कहानियां आठ हजार वर्षों तथा दस हजार किलोमीटर की परिधि में बंधी हुई हैं। इस प्रकार हम कह सकते हैं कि यह कहानियां भारोपीय मानवों की सभ्यता के विकास की पूरी कड़ी को सामने रखने में सक्षम हैं। 6000 ई.पू. से 1942 ई. तक के कालखंड में मानव समाज के ऐतिहासिक, आर्थिक एवं राजनीतिक अध्ययन को राहुल सांकृत्यायन ने इस कहानी-संग्रह में बांधने का प्रयास किया है।

6. गुनाहों का देवता (धर्मवीर भारती)

गुनाहों का देवता हिंदी उपन्यासकार धर्मवीर भारती के शुरुआती दौर के और सर्वाधिक पढ़े जाने वाले उपन्यासों में से एक है। इसमें प्रेम के अव्यक्त और अलौकिक रूप का अन्यतम चित्रण है। सजिल्द और अजिल्द को मिलाकर इस उपन्यास के एक सौ से ज्यादा संस्करण छप चुके हैं। पात्रों के चरित्र-चित्रण की दृष्टि से यह हिन्दी के सर्वश्रेष्ठ उपन्यासों में गिना जाता है।

7. एक दुनिया समानांतर (संपादक – राजेन्द्र यादव)

एक दुनिया समानांतर, राजेद्र यादव द्वारा सम्पादित नयी कहनियों का सबसे चर्चित संग्रह है। इसमें एक लम्बी भूमिका लिख कर राजेन्द्र जी ने नयी कहानी के लिए एक वैचारिक धरातल दिया है। इसमें आजादी के बाद के नये कलेवर वाले लेखको की कहानियह हैं। जिसमें मोहन राकेश की एक और जिंदगी, कमलेश्वर की खोई हुई दिशाएं जैसी कहानियां शामिल हैं। राजेन्द्र यादव जी ने मात्र इस पुस्तक में कहानियों का संकलन किया है जबकि कहानियों के लेखक अलग अलग हैं।

8. डार्क हॉर्स (नीलोत्पल मृणाल)

डार्क हॉर्स एक लघु उपन्यास है। जिसे साहित्य अकादमी के युवा पुरस्कार दिया गया है। सिविल सेवा की तैयारी में लगे युवा वर्ग की यह कहानी है जो दिल्ली के मुखर्जी नगर पर आधारित है। यह बहुत रोचक और मन को प्रफुल्लित कर देना वाला उपन्यास है।

9. निर्मल (मुंशी प्रेमचंद)

निर्मला, मुंशी प्रेमचन्द द्वारा रचित प्रसिद्ध हिन्दी उपन्यास है। दहेज प्रथा और अनमेल विवाह को आधार बना कर इस उपन्यास का लेखन प्रारम्भ हुआ। महिला-केन्द्रित साहित्य के इतिहास में इस उपन्यास का विशेष स्थान है। इस उपन्यास की कथा का केन्द्र और मुख्य पात्र ‘निर्मला’ नाम की सुन्दर और सुशील लड़की है। निर्मला का विवाह एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति से कर दिया जाता है। हिन्दी सहित्य की हर कड़ी में इस उपन्यास का ज़िक्र देखने को मिलता है।

10. महाभोज (मन्नू भंडारी)

उपन्यास में अपराध और राजनीति के गठजोड़ का यथार्थवादी चित्रण किया गया है। मन्नू भंडारी ने आधुनिक राजनीति में व्याप्त कुरीतियों को कुरेद दिया है। उपन्यास बहुत रोचक है आप जब पढ़ना शुरु करेंगे तो फिर खुद को रोकने का मन बीच में नहीं होगा।

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