बीआईटी मेसरा की टीम तेवस ने जीता ऐरो डिजाइन चैलेंज, पहले फ्लाई में क्रैश हुई प्लेन तो रात भर जग कर किया रिपेयर

बीआईटी मेसरा के ऐरोस्पेस सोसाइटी के स्टूडेंट्स की टीम तेवस ने ऐरो डिजाइन चैलेंज में विजेता बने हैं। इस प्रतियोगिता का आयोजन एसएई इंडिया की ओर से आयोजित किया गया था। जिसमें देश भर के 80 से ज्यादा टीमों ने भाग लिया था। जो एसआरएम विश्वविद्यालय, चेन्नई में आयोजित किया गया था। बीआईटी मेसरा की टीम तेवस एरोडायनामिक एनालिसिस माइक्रो क्लास में अंतिम विजेता के रूप में चुनी गई। उन्हें पुरस्कार राशि के रूप में 10,000 मिले। पूरे विमान को अंतरिक्ष इंजीनियरिंग व रॉकेटरी विभाग और एआईसीटीई आईडिया लैब में बनाया गया था। टीम में सात स्टूडेंट्स शामिल थे। जिसमें टीम कैप्टेन सौम्या गर्ग, शुभम मिश्रा, शुभम शशांक (सभी फाइनल इयर के छात्र), अनुज सिंह, प्रभन झा, आकाश व अनुपम पाठक (सभी थर्ड इयर के छात्र) शामिल हैं। फैकल्टी मेंटॉर डॉ. प्रियांक कुमार रहे।

पांच राउंड से गुजरे
विजेता बनने से पहले टीम को पांच राउंड से गुजरना पड़ा था। पहले राउंड में वर्कशॉप, दूसरे राउंड में डिजायन का एनालिसिस प्रस्तुत करना था, तीसरे राउंड में तकनीकी परीक्षण हुआ, चौथे राउंड में डिजाइन प्रजेंटेशन व क्वेश्चन एंसर राउंड हआ। वहीं पांचवां राउंड फ्लाइट राउंड था, जिसमें प्लेन को उड़ाना था। टीम के सदस्य ने बताया कि फ्लाइट राउंड के दौरान जब हमने पहली बार प्लेन को उड़ाया तो वह कैश कर गया। इसमें प्लेन को काफी नुकसान भी पहुंचा। जिसके बाद हमारी टीम ने रात भर जग कर प्लेन को ठीक किया। अगले दिन हमने सफलता पूर्वक उड़ान भरी व पूरी की।

तीन किलोमीटर दूरी तक उड़ने में सक्षम
बीआईटी मेसरा द्वारा तैयार किए गए प्लेन को तीन किलोमीटर तक उड़ाया जा सकता है। जिसे रिमोट के माध्यम से कंट्रोल किया जा सकता है। प्लेन का वजन एक केजी है। जो 800 ग्राम वजन लेकर उड़ने में सक्षम है। इसमें 3एस लिथियम पॉलीमर बैट्री का इस्तेमाल किया गया है। इसे पूरी तरह से छात्रों ने तैयार किया है। जिसे बनाने में 10 माह का समय लगा।

बीआइटी मेसरा की टीम तेवस

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